पटना : बिहार में NEET री-एग्जाम के दौरान एक बड़े सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने अभ्यर्थियों की जगह फर्जी परीक्षार्थी बैठाने की साजिश रची थी। इस मामले में मेडिकल छात्रों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच के मुताबिक, गैंग ने परीक्षा में धांधली कराने के लिए लाखों रुपये की डील तय की थी। आरोप है कि कुछ मामलों में 60 लाख रुपये तक की रकम मांगी गई थी। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में MBBS और नर्सिंग के छात्र भी शामिल पाए गए हैं, जो कथित तौर पर दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने की तैयारी कर रहे थे।
मामला बिहार के लखीसराय जिले का है, जहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को पकड़ा। जांच में बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया से छेड़छाड़ और परीक्षा केंद्रों पर फर्जी तरीके से प्रवेश की कोशिश की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों पर शक हुआ। इसके बाद पूछताछ और छापेमारी के दौरान गिरोह से जुड़े कई लोगों तक पुलिस पहुंची। मामले की जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।